ज़िंदगी में सुख, आनंद और सफलता पाने के लिए जरूरी है कि हर तरह की कमियां व बाधाएं दूर हों। इनसे पार पाना बुद्धि के सही उपयोग से ही संभव है। हिन्दू धर्म मान्यताओं में बुद्धि के दाता व विघ्नहर्ता भगवान श्रीगणेश माने जाते हैं।
लोक परंपराओं में वैसे तो चतुर्थी व बुधवार का दिन श्रीगणेश उपासना के लिए ज्यादा प्रचलित व मंगलकारी माना गया है। किंतु शास्त्रों में पंचमी तिथि पर भी एक ऐसी चीज का भोग लगाकर गणेश जी की पूजा सारे सुख-चैन देने वाली मानी गई है, जो न केवल गणेश जी को प्रिय है, बल्कि खाने पर भी मजा और ताकत ही देती है।
यह चीज, या यूं कहें कि पकवान है - मोदक या लड्डू। शास्त्रों में शु्क्ल पक्ष की पंचमी पर गणेशजी को मोदक चढ़ाना शुभ मानते हुए लिखा गया है कि -
मासि मासि चतुर्थ्यां शुक्लपक्षस्य पंचम्यां वा अभ्युदयादौ
सिद्धिकाम ऋषिकाम: पशुकामों वा भगवतो विनायकस्य बलिं हरेत्।
यानी हर महीने की शुक्ल पक्ष की चतुर्थी या पंचमी तिथि के मौके पर सिद्धि, ऋद्धि और पशु-कामना वाला भक्त भगवान् विनायक (गणेश) के लिए बलि (यानी मोदका या नैवेद्य) अर्पित करे।
अगर आप भी लड्डू की मिठास की तरह जीवन में भी सुख की मिठास घोलना चाहते हैं तो माघ शुक्ल पंचमी यानी बसंत पंचमी पर श्रीगणेश को यहां बताए जा रहे मंत्र से मोदक का भोग लगाएं और कामनासिद्धी करें -