धार्मिक दर्शन व आस्था है कि भगवान की शरणागति जीवन के सभी कष्टों को तुरंत ही हर लेती है। असल में भक्ति का यह रूप यह रूप भक्त को भगवान के प्रति प्रेम, समर्पण और विश्वास से भर देता है कि सारे दु:खों से ही नाता टूट जाता है। भक्ति में शरणागति का ही एक चरण है - देव पूजा, जिसकी शुरुआत में देव विशेष के ध्यान का भी महत्व है, जो देव पूजा के संकल्प और लक्ष्य को साधने वाला माना गया है।
इसी कड़ी में सोमवार के दिन शिव पूजा की शुरुआत शिव के अनादि, अनंत स्वरूप का ध्यान भी मन को साधकर शिव कृपा से जीवन की सभी कामनाओं को निर्विघ्र पूरा करने वाला माना गया है।
अगली तस्वीर पर क्लिक कर जानिए शिव स्वरूप व महिमा का ध्यान मंत्र, जिसे आप शिव की हर तरह की उपासना या पूजा की शुरुआत में जरूर स्मरण करें -