भगवान शिव का महामृत्युञ्जय रूप काल को मात देने व काबू करने वाले देवता के रूप में पूजनीय है। महामृत्यंजय की उपासना निरोग होने, मौत को टालने या मृत्यु के समान दु:खों का अंत करने में बहुत असरदार मानी गई है।
शास्त्रों में महामृत्युञ्जय की आराधना के लिए महामृत्युञ्जय मंत्र के जप का महत्व बताया गया है। इस महामृत्युंजय मंत्र का जप हर रोज कोई भी व्यक्ति कर सकता है। खासतौर पर जब कोई व्यक्ति रोग से पीडि़त हो या मानसिक अशांति या भय, बाधाओं से घिरा हो, तब इस मंत्र की साधना पीड़ानाशक मानी गई है।
शास्त्रों में इस मंत्र के जप के विधि-विधान का पालन साधारण व्यक्ति के लिए कभी-कभी मुश्किल हो जाता है। हालांकि किसी योग्य ब्राह्मण से इस मंत्र का जप कराया जाना अधिक सुफल देने वाला होता है। फिर भी अगर किसी विवशता के चलते विधिवत मंत्र जप करना संभव न हो तो यहां बताया जा रहा है महामृत्युंजय जप का आसान उपाय। इसका श्रद्धा और आस्था के साथ पालन निश्चित रूप से कष्टों से राहत देगा। अगली तस्वीर पर क्लिक कर जानिए यह खास उपाय -