हर इंसान धन और खुशहाली के रूप में लक्ष्मी की प्रसन्नता की कामना रखता है। किंतु लक्ष्मी कृपा के लिए पवित्रता और परिश्रम जैसी कर्म, व्यवहार और स्वभाव में उतारने की अहम सीखों को बिरले इंसान ही अपनाते हैं। बस, यही वजह है कि पावनता और पुरुषार्थ के बिना पाया धन भी मानसिक शांति छीन लेता है तो कभी पैसों की कमी जीवन को अशांत करती है।
व्यावहारिक तौर पर धन का सुख दायित्वों को समझ किसी भी काम से जुड़े बिना संभव नहीं होता। इसके साथ मन और व्यवहार की पवित्रता दूसरों को भी सुख देती है। इसके लिए पावनता और वैभव की देवी माता लक्ष्मी की साधना बहुत ही शुभ मानी गई है।
शास्त्रों में लिखी श्रीहरि विष्णु व मां लक्ष्मी से जुड़ी बातों का एक संकेत यह भी है कि माता लक्ष्मी की कृपा व संग कर्म और कर्तव्य से जुड़े इंसान पर हमेशा रहती है।
शुक्रवार के दिन माता लक्ष्मी की उपासना का महत्व है। किंतु 21 तारीख को शुक्रवार व नवमी तिथि का शुभ संयोग बना है। इसमें दुर्गा की तीन शक्तियों में एक महालक्ष्मी की साधना तमाम वैभव और यश देने वाली होगी। अगली तस्वीर पर क्लिक कर जानिए इस शुभ योग में देवी लक्ष्मी स्मरण का एक मंत्र और पूजा की आसान विधि -