Home» Jeevan Mantra »Dharm »Upasana » Ups_chant This Mantra On Friday For Complete Pending Task

PIX: शुक्रवार को बोलें दुर्गासप्तशती का यह देवी मंत्र, बनेंगे अटके काम

धर्म डेस्क. उज्जैन | Dec 27, 2012, 01:01AM IST
1 of 2

जगतजननी दुर्गा को परमेश्वरी यानी ईश्वर का शक्ति स्वरूप माना जाता है। इस शक्ति का वजूद सृष्टि के हर अंश में माना गया है। इसलिए सच्चे और साफ मन व मकसद के साथ किसी भी तरह से शक्ति संपन्न बनने की इच्छा, काम या सोच शक्ति उपासना के समान ही मानी गई है। देवी उपासना तन, मन व धन से ही जुड़े सारे दु:खों का अंत करने वाली मानी गई है। सांसारिक नजरिए से तन, मन और धन से संपन्नता ही अक्सर सबलता का पैमाना भी माना जाता है। 

देवी उपासना से ऐसी कामनासिद्धि और संताप के नाश के लिए दुर्गासप्तशती के चमत्कारी श्लोक व मंत्रों का पाठ अचूक माना गया है। खासतौर पर देवी उपासना की घड़ी जैस शुक्रवार, नवमी तिथि या नवरात्रि में काम या कामना विशेष पूरी करने के लिए यहां बताए जा रहे विशेष मंत्र का स्मरण मंगलकारी है- 

- सवेरे या शाम स्नान के बाद लाल वस्त्र पहन देवी मंदिर या घर के देवालय में ही लाल आसन पर बैठ देवी प्रतिमा की लाल चंदन, लाल फूल, लाल वस्त्र, लाल अक्षत व फल चढ़ाकर पूजा करें। 

- देवी को शहद मिलाकर दूध का भोग लगाएं और स्फटिक की माला से कम से 108 बार इस मंत्र का स्मरण कर अंत में देवी आरती करें - 

ते सम्मता जनपदेषु धनानि तेषां तेषां 

यशांसि न च सीदति धर्मवर्ग:। 

धन्यास्त एव निभृतात्मजभृत्यदारा येषां 

सदाभ्युदयदा भवती प्रसन्ना।।

इसमें देवी महिमा है कि कल्याणकारी मां दुर्गा, जिस पर प्रसन्न होती है, वह सम्मानित, यशस्वी व वैभवशाली जीवन को प्राप्त करता है। साथ ही अधर्मी और पथभ्रष्ट न होकर स्वस्थ्य जीवन के साथ स्त्री, संतान व सेवक का सुख भी प्राप्त कर धन्य हो जाता है।

एंड्राइड यूजर्स के लिए एंड्राइड यूजर्स के लिए
आपके विचार
 
अपने विचार पोस्ट करने के लिए लॉग इन करें

लॉग इन करे:
या
अपने बारे में बताएं
 
 

दिखाया जायेगा

 
 

दिखाया जायेगा

 
कोड:
3 + 8

 
विज्ञापन

बड़ी खबरें

रोचक खबरें

विज्ञापन

बॉलीवुड

स्पोर्ट्स

जोक्स

पसंदीदा खबरें

फोटो फीचर

 
Email Print Comment