भगवान गणेश प्रथम पूज्य देवता हैं। इसके पीछे जुड़ी एक पौराणिक मान्यता के मुताबिक भगवान श्रीगणेश विघ्रहर्ता ही नहीं बल्कि विघ्रकर्ता के रूप में भी पूजनीय हैं। श्री गणेश का यह विघ्रकर्ता स्वरूप सृष्टि की शुरुआत में जगत के प्राणियों के कार्य और व्यवहार में मर्यादा और सीमाओं को नियत करने वाला माना गया है। कर्म, विचार में भटकाव से आने वाले विघ्रों से रक्षा व मंगल कामनाओं की सिद्धि के लिए ही भगवान गणेश को सबसे पहले स्मरण की धार्मिक परंपरा बनी।
इस तरह श्रीगणेश के विघ्रहर्ता स्वरूप के ध्यान व पूजा से हर काम की बेहतर शुरुआत ही नहीं होती, बल्कि वह बिन कष्ट, बाधाओं के पूरा होता है। यही वजह है कि व्यावहारिक जीवन में नए साल के पहले दिन भी विशेष मंत्रों से श्रीगणेश की पूजा सालभर विघ्र, कष्ट, दु:ख और संकटों से बचाकर जीवन के हर सपने व इच्छाओं को पूरा करने वाली मानी गई है।
अगली तस्वीर पर क्लिक कर जानिए, नए साल के पहले दिन किन विशेष मंत्रों से श्रीगणेश की पूजा करें-