सनातन धर्म में गुरु की ईश्वर के ही ज्ञान स्वरूप व शक्ति के रूप में पूजा की जाती है। क्योंकि गुरु सेवा, भक्ति या स्मरण मात्र से ही जो ज्ञान, कृपा व प्रेरणा मिलती है, वह हमेशा बुद्धि और विवेक को जगाकर तमाम उलझनों व परेशानियों से उबरने में मदद करती है और जिंदगी के सारे लक्ष्यों को पाना आसान बनाती है।
धर्म परंपराओं में त्याग, तप, ज्ञान व प्रेम की साक्षात् मूर्ति साईं बाबा भी ऐसे ही जगतगुरु के रूप में पूजनीय है, जिनका ध्यान व दर्शन मात्र भी सारे दु:ख, संकट, परेशानियों व बाधाओं को टालने व खत्म करने वाला माना गया है।
खासतौर पर ज्ञान शक्ति की साधना के दिन बसंत पंचमी पर साईं बाबा के दर्शन व चरण पादुकाओं को छूकर उनके उपदेशों का स्मरण ईर्ष्या, द्वेष, स्वार्थ, कलह जैसे सारे बुरे भावों को दूर कर हर काम व कामना को पूरा करना आसान बना देता है।
हिन्दू मान्यताओं में बसंत पंचमी पर साईं बाबा के सामने शास्त्रों में बताया एक विशेष गुरु मंत्र का ध्यान कर चरण पादुकाओं को छूने से माता लक्ष्मी व सरस्वती दोनों की ही कृपा बरसती है। यानी भक्त कुशाग्र बुद्धि व अपार धन का स्वामी बनता है। अगली स्लाइड पर पहुंच जानिए किस विशेष मंत्र से साईं की चरण पादुका छूएं -