पौराणिक मान्यता है कि संजीवनी विद्या व मंत्र के असर से दैत्य गुरु शुक्राचार्य ने मरे हुए दैत्यों में फिर से प्राण फूंक दिए थे। शुक्राचार्य ने यह अद्भुत संजीवन विद्या व मंत्र शक्ति देवाधिदेव महादेव को कठिन तपस्या से प्रसन्न कर पाई थी।
शास्त्रों के मुताबिक सांसारिक जीवन में इस संजीवन मंत्र के असर से अकाल मृत्यु का भय, संकट व दु:ख दूर होते है। यही नहीं, इस मंत्र से लाइलाज बीमारियों से भी छुटकारा मिलता है। अगली तस्वीर पर क्लिक कर जानिए यह चमत्कारी संजीवनी मंत्र कौन सा है और इसके शुभ प्रभाव के लिए क्या-क्या उपाय करें-