संस्कार, सोच, परिवार और संगति बेहतर हो तो धन भरपूर सुख देने वाला होता है। वहीं बुरी सोच, संग, कुसंस्कार धन हानि के साथ अपयश का कारण बन जाते हैं। यही वजह है कि हिन्दू धर्मग्रंथों में भी धन को न केवल सुख बंटोरने का एक जरिया बताया गया है, बल्कि घर-परिवार और व्यक्तिगत जीवन को खुशहाल बनाकर यश और सम्मान पाने की चाहत पूरी करने के लिए धार्मिक उपायों में सुख, ऐश्वर्य और धन की देवी महालक्ष्मी की उपासना का महत्व बताया गया है।
इस कड़ी में गुप्त नवरात्रि व शुक्रवार के संयोग में या हर रोज भी ज्ञानशक्ति के रूप में पूजनीय ऋग्वेद में बताए मां लक्ष्मी की उपासना के लिए प्रसिद्ध श्रीसूक्त के चमत्कारी मंत्रों का पाठ भी बड़ा ही शुभ माना गया है। श्रीसूक्त के मंत्रों में माता लक्ष्मी के गुण, स्वरूप, शक्तियों की अद्भुत और बेजोड़ स्तुति है। इनका पाठ हर तरह की दरिद्रता और रोगों से मुक्ति के साथ धन-धान्य और सुखों से भर देता है। अगली तस्वीर पर पहुंच जानिए श्रीसूक्त के कुछ खास मंत्र व पूजा उपाय -