पौराणिक प्रसंगों के मुताबिक न्यायाधीश शनिदेव ने अपनी क्रूर और टेढ़ी नजर ने देव-दानव व मानव सभी पर कहर ढाया, तो कई मौकों पर महातपस्वियों का बल या कुछ देवशक्तियां शनि पर भी भारी पड़ीं। किंतु ब्रह्मा, विष्णु या महेश ने किसी न किसी तरह से शनिदेव को जगत की सारी बुराइयों या बुरे कर्मों की सजा देने के लिए तमाम शक्तियों का अधिकारी बनाया।
इन सभी प्रसंगों व मान्यताओं में उजागर है कि शनिदेव की नाराजगी जहां दु:ख का कारण बनती है, तो प्रसन्नता सुख बरसाती है। इनके मुताबिक अलग-अलग काल, दशा और दिन के मुताबिक शनि की प्रसन्नता के लिए कई तरह के उपाय भी नियत किए गए।
इसी कड़ी में धर्मशास्त्रों व ज्योतिष विज्ञान में किसी व्यक्ति की कुण्डली में शनि की महादशा, साढ़े साती या ढैय्या में शनि ग्रह की पीड़ा से बचाव के लिए शनि भक्ति के कई सरल उपाय उजागर हैं, जो केवल शनिवार ही नहीं हर रोज करना मंगलकारी साबित होते हैं। तस्वीरों पर क्लिक कर जानिए ऐसे ही शनि के भाग्य संवारने वाले चार खास उपाय -