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PICS: इन 4 खास उपायों से शनिदेव चमकाते हैं किस्मत

धर्म डेस्क, उज्जैन | Jan 19, 2013, 15:30PM IST
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पौराणिक प्रसंगों के मुताबिक न्यायाधीश शनिदेव ने अपनी क्रूर और टेढ़ी नजर ने देव-दानव व मानव सभी पर कहर ढाया, तो कई मौकों पर महातपस्वियों का बल या कुछ देवशक्तियां शनि पर भी भारी पड़ीं। किंतु ब्रह्मा, विष्णु या महेश ने किसी न किसी तरह से शनिदेव को जगत की सारी बुराइयों या बुरे कर्मों की सजा देने के लिए तमाम शक्तियों का अधिकारी बनाया।

इन सभी प्रसंगों व मान्यताओं में उजागर है कि शनिदेव की नाराजगी जहां दु:ख का कारण बनती है, तो प्रसन्नता सुख बरसाती है। इनके मुताबिक अलग-अलग काल, दशा और दिन के मुताबिक शनि की प्रसन्नता के लिए कई तरह के उपाय भी नियत किए गए।

इसी कड़ी में धर्मशास्त्रों व ज्योतिष विज्ञान में किसी व्यक्ति की कुण्डली में शनि की महादशा, साढ़े साती या ढैय्या में शनि ग्रह की पीड़ा से बचाव के लिए शनि भक्ति के कई सरल उपाय उजागर हैं, जो केवल शनिवार ही नहीं हर रोज करना मंगलकारी साबित होते हैं। तस्वीरों पर क्लिक कर जानिए ऐसे ही शनि के भाग्य संवारने वाले चार खास उपाय -
हर देव भक्ति में खासतौर पर स्नान, पूजा, मंत्र, दान व व्रत उपवास काम बनाने में अचूक माने गए है। शनिदेव की प्रसन्नता के लिए भी जानिए ये उपाय कैसे करें -

शनि उपासना के लिए सवेरे शरीर पर हल्का तेल लगाएं। बाद में शुद्ध जल में पवित्र नदी का जल, काले तिल और सौंफ मिलाकर स्नान करें।

पूजा में शनि प्रतिमा पर खासतौर पर सरसों का तेल चढ़ाकर यह चमत्कारी शनि मंत्र स्तोत्र बोलें -
नमस्ते कोणसंस्थाय पिङ्गलाय नमोस्तुते।
नमस्ते बभ्रुरूपाय कृष्णाय च नमोस्तु ते॥
नमस्ते रौद्रदेहाय नमस्ते चान्तकाय च।
नमस्ते यमसंज्ञाय नमस्ते सौरये विभो॥
नमस्ते यंमदसंज्ञाय शनैश्वर नमोस्तुते॥
प्रसादं कुरु देवेश दीनस्य प्रणतस्य च॥

शनिवार व्रत रखें। इसमें शनि की पूजा के साथ दान भी जरूरी है। शनि के कोप की शांति के लिए शास्त्रों में बताई गई शनि की इन वस्तुओं का दान करें। उड़द, तेल, तिल, नीलम रत्न, काली गाय, भैंस, काला कम्बल या कपड़ा, लोहा या इससे बनी वस्तुएं और दक्षिणा किसी ब्राह्मण को दान करना चाहिए।

शनि की अनुकूलता के लिए रखे गए व्रत में यथासंभव उपवास रखें या एक समय भोजन का संकल्प लें। इस दिन शुद्ध और पवित्र विचार और व्यवहार बहुत जरूरी है। आहार में दुध, लस्सी, और फलों का रस लेवें। अगर व्रत न रख सकें तो काले उड़द की खिचड़ी में काला नमक मिलाकर या काले उड़द का हलवा खा सकते हैं।

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