हिन्दू पंचाग के मुताबिक सोमवार (18 फरवरी ) के साथ माघ माह की गुप्त नवरात्रि की अष्टमी तिथि का दुर्लभ संयोग है। शास्त्रों के मुताबिक अष्टमी तिथि के स्वामी शिव हैं, सोमवार भी शिव उपासना और माघ माह की गुप्त नवरात्रि की महाष्टमी तिथि शक्ति साधना का काल है। इस तरह ऐसे दुर्लभ योग में देवी पूजा के साथ भगवान शिव की उपासना सुख-सौभाग्य व खुशहाली की हर इच्छा पूरी करने के लिए बहुत ही अचूक होगी।
शास्त्रों में बताया अर्द्धनारीश्वर स्वरूप भी साफ करता है कि शिव और शक्ति का वजूद एक-दूसरे के बिना अधूरा है। इसलिए माना जाता है कि जब भी ऐसे पावन योग बने तो उसमें हर भक्त को शक्ति के साथ शिव की उपासना नहीं चूकना चाहिए। ऐसी उपासना आस्था और श्रद्धा से करने पर जीवन से हर भय, बाधा दूर कर हर तरक ही शक्ति व आत्मविश्वास देने वाली मानी गई है। ऐसे ही शुभ दिन के लिए अगली तस्वीर पर क्लिक कर जानिए यहां बताई जा रही है दुर्गा व शिव पूजा की आसान विधि -