पौराणिक मान्यताओं के मुताबिक देश के प्राचीन और मोक्ष देने वाले पवित्र सात तीर्थ स्थानों में एक है - अवंतिका नगरी यानी उज्जैन। यहां स्थित विश्व प्रसिद्ध दक्षिणामुखी महाकालेश्वर ज्योर्तिलिङ्ग की हर रोज तड़के होने वाली भस्म आरती शिव के योगी, वैरागी और ओढरदानी चरित्र के दिव्य दर्शन और अलौकिक अनुभूति का शुभ काल होता है। देशभर के बारह शिव ज्योर्तिलिंङ्गों में से केवल महाकालेश्वर ज्योर्तिलिङ्ग में ही इस पूजा परंपरा के जरिए भस्म रमाए महादेव के साक्षात दर्शन का सौभाग्य मिलता है।
खासतौर पर महाशिवरात्रि के अगले दिन बाबा महाकाल का फूल़, फल, पत्रों व गहनों से तैयार अद्भुत सेहरा पहनाकर श्रृंगार किया जाता, बाद साल में एक बार दोपहर में विशेष भस्म आरती होती है। यहां बताई जा रहीं तस्वीरें भी ऐसी ही दुर्लभ क्षणों की हैं। किंतु हर रोज भी भस्म आरती में शिव के ऐसे ही निराले स्वरूप के दर्शन होते हैं। भस्म लपेटे शिव का यह दिव्य रूप देखने को कई भक्त अधीर रहते हैं।
तस्वीरों में देखिए, भस्म आरती के कुछ ऐसे ही दुर्लभ पल, जिसे देखकर महाशिवरात्रि पर महाकालेश्वर ज्योर्तिलिंग दर्शन को लिए आने को संभवत: आप भी खुद को रोक नहीं पाएंगे –