- धर्म के जानकार या विद्वान ब्राह्मण से सलाह के बाद अपनी कामनाओं के मुताबिक सही मुख के रुद्राक्ष को चुनें।
- खासतौर पर सोमवार के दिन सुबह स्नान कर शिवलिंग पर जल और बिल्वपत्र अर्पित करें। शिवलिंग के सामने रुद्राक्ष या माला को पहले कच्चे दूध और उसके बाद किसी भी तीर्थ के जल से पवित्र करें। इसके लिए गंगाजल हो तो फल प्राप्ति के नजरिए से श्रेष्ठ माना गया है।
- इसके बाद शिव को समर्पित केसर, चंदन या गंध को रुद्राक्ष पर लगाकर शिव पंचाक्षरी 'नम: शिवाय' या षडाक्षरी मंत्र 'ऊँ नम: शिवाय' का यथाशक्ति जप करते हुए पहन लें। कम से कम 108 बार बोलें यानी 1 माला करें तो श्रेष्ठ होगा।