यह मंत्र है - ॐ वं जू़ स: ।।
हृदय रोग या ब्लड प्रेशर से पीडि़त व्यक्ति या उसका कोई परिजन इस मंत्र का जप हर रोज या सोमवार को स्नान के बाद देवालय में शिव की पंचोपचार पूजा के साथ करे। इसमें शिव का बिल्वपत्र, रोली, चंदन, सफेद फूल, धूप, दीप अर्पित कर इस मंत्र का कम से 108 बार उच्चारण करें।
संभव न होने पर पीड़ित शयन या आराम की मुद्रा में मन ही मन गहरी आस्था और श्रद्धा के साथ जप कर सकता है। कहा भी जाता है कि दवा के साथ दुआओं का भी असर होता है। यह मंत्र इसी बात को व्यावहारिक तौर पर सिद्ध करता है।