संकटमोचक हनुमान की उपासना मानवीय जीवन के दु:ख, भय और चिंता को दूर करने के लिए अचूक मानी जाती है। श्रीहनुमान साधना की इस कड़ी में बजरंगबाण का जप और पाठ शनिवार व मंगलवार के दिन करने का महत्व है। इस दिन यथाशक्ति श्रीहनुमान की प्रसन्नता के लिए व्रत भी रख सकते हैं।
खासतौर पर शनिवार (5 जनवरी) के साथ बने हनुमान अष्टमी के योग में तो बजरंगबाण का पाठ दुर्भाग्य को सौभाग्य में बदलने वाला साबित होगा। अगली स्लाइड पर क्लिक कर जानिए किस खास तरीके से करें बजरंगबाण का पाठ -