शास्त्रों में शिव उपासना से मिलने वाले फलों का सरल शब्दों में निचोड़ यही सामने आता है कि शिव ही सांसारिक सुखों का आधार हैं। क्योंकि न केवल शिव का स्वरूप व उपासना के तरीके सरल है, बल्कि आसानी से तन, मन व धन कामनाओं में आने वाली बाधाएं भी दूर करने वाले हैं।
जीवन से जुड़ी ऐसी ही इच्छाओं में एक है - दौलतमंद और ऐश्वर्य भरा जीवन। हर इंसान के मन में धन संपन्नता और उससे भौतिक सुखों को बंटोरने का भाव आता है, जिसे पूरा करने के लिए वह कर्म और धार्मिक उपाय चुनता है।
ऐसे ही उपायों में हर हिन्दू पंचांग की चतुर्दशी तिथि पर शिव पूजा में शिव की विशेष मंत्र स्तुति दु:ख, दरिद्रता और धन के अभाव को दूर कर धन, संतान, निरोगी शरीर द्वारा वैभवशाली और संपन्न बना देती है। अगली तस्वीर पर क्लिक कर जानिए यह शिव मंत्र स्तुति, जो दारिद्रयदहन शिवस्तोत्रम् के नाम से भी प्रसिद्ध है -