धार्मिक आस्था है कि साईं के दर पर जो जाता है, वह खाली हाथ नहीं जाता। साईं दर्शन के पहले और बाद यही विश्वास और आस्था हर भक्त के जीवन से निराशा व सारे दुःखों को दूर रख मन-मस्तिष्क में ऐसी शक्ति भरता है कि उसे हर कठिन वक्त में भी सारी परेशानियों से बाहर निकलने की राह मिल जाती है।
यहीं नहीं, त्याग व तपोमूर्ति साईं बाबा के संदेशों का स्मरण मात्र भी मनोबल को ऊंचा करते हैं। इनमें 'सबका मालिक एक', 'श्रद्धा व सबूरी' तो धर्म भेद से परे इंसानियत को ही सबसे बड़ा धर्म सिद्ध कर हर हृदय को सुख-सुकून ही देने वाले हैं।
ऐसी ही सुख-शांति और समृद्धि की कामना से गुरु उपासना व स्मरण के दिन गुरुवार को साईं बाबा की पूजा का महत्व है। अगर आप भी खुशहाली से झोली भरना चाहते हैं तो जानिए साईं पूजा व व्रत के कुछ नियम व सरल उपाय-