Home» Jeevan Mantra »Dharm »Pooja Package » Power Of These 5 Letter Keep Away Shani Dosh

केवल इन 5 अक्षरों की मंत्र शक्ति से हो जाती है शनि दोष शांति

धर्म डेस्क, उज्जैन | Feb 22, 2013, 16:46PM IST
1 of 2

शास्त्रों में भगवान शिव सुख व मंगल से जुड़ी कामनासिद्धि करने वाले देवता, तो उनके परम भक्त शनि भाग्य विधाता बताए गए हैं। काल के नियंत्रक देवता होने से भी भगवान शिव की भक्ति न केवल शनि दोष बल्कि सभी ग्रह दोषों का शमन करने वाली मानी गई है। 
खासतौर पर शनि प्रदोष, शनिवार या सोमवार की शुभ घड़ी में भगवान शिव की उपासना में शिव पंचाक्षर स्तोत्र शनि या अन्य ग्रहों के अशुभ प्रभाव से पैदा सारे रोग, शोक, संताप का दर कर जीवन में शांति, सुख और समृद्धि लाने वाला माना गया है।
शिव पंचाक्षर स्तोत्र शिव के अद्भुत रूप और शक्ति की स्तुति है, जो पंचाक्षर मंत्र नम: शिवाय के पांच अक्षरों न, म, श, व, य में छुपी शिव शक्ति का भी आवाहन है। भगवान शिव का यह स्तोत्र पाठ नियमित रूप से, खासतौर पर शनि प्रदोष पर पंचोपचार पूजा कर भी करने से शनि दोष व दशा के अशुभ प्रभाव नहीं होते। अगली स्लाइड पर पहुंच जानिए यह दिव्य पंचाक्षर मंत्र स्तोत्र - 

BalGopal Photo Contest
आपके विचार
 
अपने विचार पोस्ट करने के लिए लॉग इन करें

लॉग इन करे:
या
अपने बारे में बताएं
 
 

दिखाया जायेगा

 
 

दिखाया जायेगा

 
कोड:
1 + 8

 
विज्ञापन

बड़ी खबरें

BalGopal Photo Contest

रोचक खबरें

विज्ञापन

बॉलीवुड

स्पोर्ट्स

जोक्स

पसंदीदा खबरें

फोटो फीचर

 
Email Print Comment