
VIDEO: देखिए हनुमानजी की शनि से भिडंत का रोचक किस्सा!

सूर्य पुत्र व मृत्यु के देवता यमराज के भाई शनि का स्वभाव क्रूर माना गया है। किंतु उनके कोप से बचने के लिए श्री हनुमान की भक्ति बेहद शुभ मानी गई है। इसके पीछे यह पौराणिक मान्यता है कि शनि भगवान शिव के परम भक्त हैं और श्री हनुमान शिव के ही अवतार ही माने गए हैं।
मतान्तर से कुछ पौराणिक प्रसंग शनि का श्री हनुमान से परास्त होना भी, इसकी वजह बताते हैं। इसी कड़ी में एक प्रसंग के मुताबिक जब तप करते हनुमान को शनि ने अहंकार के वशीभूत हो अपनी टेढ़ी नजर से आहत करने की कोशिश की तो श्रीहनुमान उल्टे शनि पर भारी पड़ गए। तब शनि ने श्री हनुमान को वचन दिया कि हनुमान भक्ति करने वाला शनि पीड़ा का सामना नहीं करेगा।
इसी तरह एक और पौराणिक कथा है कि शनि के पिता सूर्य, श्रीहनुमान के गुरु थे। शिक्षा पूरी होने पर सूर्यदेव ने श्री हनुमान को शिव से मिली शक्तियों और क्रूर दृष्टि के दंभ में चूर अपने पुत्र शनि को उनके दु:ख का कारण बताया। इसलिए गुरु दक्षिणा के रूप में सूर्यदेव ने हनुमान से क्रूर स्वभाव के शनि का अहंकार दूर कर उनके पास लाने और मिलने की इच्छा जताई।
गुरु के आदेश पर श्रीहनुमान ने शनि को मनाते हुए कहा कि संसार में पिता की आज्ञा न मानना और दु:ख देना सबसे बड़ा पाप है इसलिए तुम्हें चलकर पिता से क्षमा मांगनी चाहिए। अहंकारी शनि ने क्रूर दृष्टि से श्रीहनुमान को भी भस्म करने की कोशिश की। किंतु शिव अवतार श्री हनुमान पर उसका कोई प्रभाव न हुआ। हनुमान-शनि के बीच युद्ध हुआ और श्रीहनुमान ने शनि को पटखनी दी। तब कहीं शनि ने अपने पिता सूर्य से आकर क्षमा मांगी।
यही नही, शनि ने शनिवार को हनुमान पूजा करने वालों को पीड़ा न देने का वचन दिया। देखिए हनुमान-शनि के बीच हुए युद्ध के किस्से का दिलचस्प विडियो -









