हिन्दू धर्म में किसी भी स्त्री का सम्मान व सेवा अहम जीवन मूल्य बताया गया हैं। धर्म परंपराओं में देवी के कई रूप हो या फिर सांसारिक नजरिए से माता से शुरू होकर बहन सहित स्त्री से अलग-अलग रूपों में रिश्ते, हर इंसान के लिए ताउम्र स्त्री की अहमियत उजागर कर उसकी गरिमा को कायम रखने का जज्बा देते हैं।
खासतौर पर गृहस्थी का तो केन्द्र ही स्त्री को माना गया है। देवी-देवताओं के स्मरण जैसे राधा-कृष्ण या सीता-राम में पहले देवी नामों को बोलना भी पुरुष के जीवन में स्त्री की अहमियत का संकेत है। इसी कड़ी में हिन्दू धर्मग्रंथों में बताए 2 ऐसे सूत्र हर इंसान के लिए अपनाना जरूरी बताए गए हैं, जिनके जरिए स्त्री और घर को नुकसान होने से बचाया जा सकता है। अगली तस्वीर पर क्लिक कर जानिए 2 खास बातें -