ज़िंदगी में सही समय, सही मकसद से किया गया अच्छा काम ही वास्तविक रूप से धर्म पालन है। क्योंकि ऐसे काम ही हमेशा सुख-शांति और यश की कामना को पूरी करने वाले होते हैं। शास्त्रों के मुताबिक दैहिक, मानसिक और आत्मिक सुख देने वाला ऐसा ही कर्म है-दान।
व्यावहारिक तौर पर दान में देने का भाव ही अहं व स्वार्थ जैसी बुराइयों को घटाता है। इसलिए दान के लिए त्याग, निस्वार्थ और विनम्रता के भाव ही सार्थक व सुख देने वाले माने गए है। यही वजह है कि जन्म से लेकर मृत्यु कर्मों तक में धार्मिक नजरिए से दान परंपराएं जुड़ी है। चाहे वह अन्न, वस्त्र, जल,धन, पशु दान हो या कन्यादान।
दान के लिए वैसे तो हिन्दू पंचांग के सभी बारह माह शुभ है, लेकिन इनमें भी कुछ विशेष घडिय़ां बहुत अचूक व शुभ मानी गई हैं।
इसी कड़ी में शिवपुराण में लिखा है कि जिसे जिस वस्तु की जरूरत हो, उसे बिना मांगे ही दे दी जाए तो ऐसा दान बहुत फलीभूत होता है। ऐसे दान के लिए सूर्य संक्रांति का योग बड़ा ही शुभ माना जाता है। इन खास दिनों पर किया दान धर्म दीनता व दु:खों से बचाने वाला बताया गया है। अगली तस्वीरों पर क्लिक कर जानिए मकर संक्रांति सहित किस दिन दान करना कितना ज्यादा शुभ होता है-