शिव को अनीश्वर माना गया है यानी ऐसे देवता जिनका कोई ईश्वर या स्वामी नहीं। इसलिए शिव 'भव' नाम से भी पूजनीय है। जिसका मतलब है कि वह ब्रह्माण्ड या संसार के रूप में प्रकट होने वाले देवता हैं।
यही वजह है कि शिव ही ऐसे देवता हैं, जिनकी साकार और निराकार रूप में उपासना की जाती है। उनका निर्गुण यानी निराकार स्वरूप शिवलिंग है। शिव पुराण में शिवलिंग के दर्शन मात्र को ही दोष और विकार का नाश करने वाला माना गया है।
ऐसे दिव्य स्वरूप से ही वह देवाधिदेव भी पुकारे जाते हैं। यही वजह है कि महादेव की कृपा के लिए देव-दानव, ऋषियों शिवलिंग उपासना से चमत्कारिक सिद्धियों पाया।
शिवपुराण में अनेक तरह के दिव्य शिवलिंगों को अलग-अलग देवी-देवताओं द्वारा पूजने का वर्णन है, जो शिव कृपा के लिए भगवान विश्वकर्मा द्वारा बनाए गए। इसलिए सांसारिक जीवन में भी इन चीजों से बने शिवलिंग बड़े ही चमत्कारी व शुभ फल देने वाले माने जाते हैं। इनमें से कई चीजें ऐसी हैं जो द्रव्य रूप में होती है, जिनसे बने शिवलिंग चमत्कृत व चकित करने वाले होते हैं। अगली तस्वीर पर क्लिक कर जानिए ऐसी ही रोचक जानकारी -