हिन्दू धर्म में भगवान शिव सारे देवों के भी देव यानी महादेव माने जाते हैं। महादेव की भक्ति का सबसे अचूक काल महाशिवरात्रि (फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी, 10 मार्च ) पर हर तरफ शिव नाम की गूंज होती है। शास्त्र कहते हैं कि शिव नाम और गुणों की महिमा अनंत, अपार है। सरल शब्दों में समझें तो शिव के गुण व शक्तियों की गिनती साधारण इंसान के लिए मुमकिन नहीं। क्योंकि शिव का स्वरूप अव्यक्त व अनंत माना गया है।
शास्त्रों में लिखी एक बात शिव के इसी गुणातीत स्वरूप को उजागर ही करती है। जिसके मुताबिक अगर पर्वत जितना काजल लेकर समुद्र जैसी दवात में भरकर कल्पवृक्ष की कलम से पृथ्वी रूपी कागज पर स्वयं ज्ञान की देवी सरस्वती शिव के गुणों को लिखना शुरू करें तो शिव के गुण व शक्तियों का वर्णन खत्म नहीं होगा।
भगवान शिव के ऐसे ही गुण व शक्तियों से जुड़ा है एक नाम है, जो खासतौर पर शिव साधना के काल में हर शिव भक्त के कंठ में बसता है। यही नहीं, यह ऐसा अनूठा नाम है जो हर सांसारिक व्यक्ति चाहे नास्तिक हो आस्तिक दैनिक जीवन में दिनभर कई बार अनजाने बोलते हुए शिव भक्ति करता रहता है और उसे पता भी नहीं चलता। अगली तस्वीर पर क्लिक कर जानिए कौन सा है यह अनोखा शिव नाम व कैसे किसी व्यक्ति की जुबान से अनजाने भी निकलता रहता है -