
सफलता चाहें तो न करें ये 5 गलतियां!
धर्म डेस्क, उज्जैन
| Feb 23, 2013, 15:04PM IST

अक्सर देखा जाता है कि कई लोग कम मेहनत या वक्त में बहुत फायदा होने का लालसा में गलत काम करने को भी तैयार हो जाते हैं। किंतु लंबे वक्त तक सुख देने वाले मेहनत के कामों से कतराते हैं। आखिरकार बुरे काम बुरे, नतीजे व पछतावा देते हैं और अच्छे काम मनचाहा सुख, शांति व संतोष।
धर्म के नजरिए से भी इंसान पाप कर्मों से तो जल्द जुड़ता है, वहीं सद्कर्मों और पुण्य कर्मों को लेकर ज्यादा सोच-विचार करता और वक्त लेता है। शास्त्रों में ऐसी प्रवृत्ति के पीछे 5 खास बातें बताई गई हैं, जिनके चलते सांसारिक जीवन में हर कोई जाने-अनजाने गलतियां करता रहता है। इसलिए सफलता की चाहत रखने और मेहनत करने वालों को गलत कामों से बचने के लिए 5 खास बातों को सामने रख अपने काम, सोच और बर्ताव पर हमेशा गौर करना जरूरी बताया गया है। जानिए कौन सी 5 गलतियां न करें। शास्त्रों में लिखा गया है कि -
अविद्यास्मितारागद्वेषाभिनिवेशा: क्लेशा:।।
मतलब है कि इन पांच गलत बातों के सोच-विचार पर हावी होते ही गलतियां व पाप होते हैं, ये पांच क्लेश भी कहलाते हैं-
अविद्या - अज्ञानता का रूप है। सरल शब्दों में समझें तो हर स्थिति और विषय को लेकर सही समझ का अभाव। इससे बुरे कर्म या सोच में भी सुख और सुकून मिलता है, इसके नतीजे पाप के रूप में सामने आते हैं।
अस्मिता - मैं या अहं भाव। इसे मन, मस्तिष्क व विचारों को जकडऩे वाला माना गया है। रावण, हिरण्यकशिपु या कंस भी इस दोष की वजह से पाप कर्म में लिप्त होकर दुर्गति को प्राप्त हुए।
राग - आसक्ति का ही एक नाम, जो अच्छे-बुरे की समझ से दूर कर इंद्रिय असंयम का कारण बन पाप करवाती है।
द्वेष - मनचाहा न होने पर दु:खी और क्रोधित होने का भाव, जिससे कर्म, विचार और व्यवहार में दोष पैदा होता है।
अभिनिवेश - मौत का डर। हर इंसान यह जानते हुए भी कि मृत्यु अटल है, इससे बचने के लिए किसी न किसी रूप में तन, मन या धन का गलत उपयोग कर पाप कर्म करता है।










