Home» Jeevan Mantra »Dharm »Gyan » Dharm_this Bad Habit Make Distance From Success

PICS: बार-बार हो रहे हैं नाकाम! परखें, कहीं इस आदत के शिकार तो नहीं

धर्म डेस्क. उज्जैन | Dec 18, 2012, 16:28PM IST
1 of 2
कई लोग स्वभाव के चलते, अपनी कमियों पर पर्दे डालने के लिए या फिर फायदे के लिए दूसरों की बुराई या कमियां ढूंढने की कवायद में लगे रहते हैं। यानी किसी भी तरह से पैदा द्वेषता या स्वार्थ पूरे न होना भी निंदा यानी बुराई की वजह होती ती है। 
शास्त्रों में इसे परदोष दर्शन पुकारा गया है। ऐसी आदत व्यावहारिक जीवन के लिये बाधक मानी गई है। क्योंकि निंदा, बुराई या दोष दर्शन लत बनकर सोच, व्यवहार और काम को बिगाड़ते हैं। धर्म के नजरिए से इससे किसी भी व्यक्ति या काम के लिए समर्पण का अभाव हो जाता है। 
श्रीमद्भभागवत में भी दूसरों की बुराई न करने पर जोर दिया गया है। इन बातों का निचोड़ यही है कि दूसरों की निंदा जीवन पर बुरा असर ही नहीं डालती बल्कि दुर्गति की बड़ी वजह बन सकती है। किस तरह इसका शिकार होकर इंसान जीवन के हर मोर्चे पर मात खाता है, जानिए- 
- किसी की बुराई से खुद की श्रेष्ठता का अहं भाव पैदा होता है। अहंकार पतन का बड़ा कारण माना गया है। 
- दूसरों में कमी, बुराई पर सोचते रहने, सुनने या देखने पर हमारा साफ मन में भी बुरी भावनाओं का घर बन जाता है।   इनसे कहीं न कहीं हमारे बोल, व्यवहार में भी बुरे बदलाव आते हैं।
- धर्म शास्त्रों के मुताबिक अगर कोई बुरा है या बुरे काम करता है, तो बार-बार उसके बारे में बोलने, सुनने या देखने वाला  भी उस बुराई या पाप का भागी बन जाता है। 
- बुराई से दूसरों को सीधे दु:ख पहुंचाया जाता है, जो व्यावहारिक तौर पर भी आपके लिए असहयोग, द्वेष के रूप में कलह लाता है। दु:ख देना धर्म शास्त्रों में पाप भी माना गया है 
- बार-बार खामियां ढूंढने से किसी के प्रति मन में प्रेम का अभाव और नफरत घर करने लगती है। जिससे अंतत: दोष देखने वाले की ही हानि होती है। 
दोष दर्शन की आदत इंसान के मन-मस्तिष्क पर इस तरह हावी हो जाती है, कि वह खूबियों में भी दोष निकालकर अपयश और असम्मान का भागी बन जाता है। जिससे बचने के लिए इंसान अनेक बुरे रास्तों को अपनाकर अपनी ही दुर्गति का कारण बनता है। 
आपके विचार
 
अपने विचार पोस्ट करने के लिए लॉग इन करें

लॉग इन करे:
या
अपने बारे में बताएं
 
 

दिखाया जायेगा

 
 

दिखाया जायेगा

 
कोड:
7 + 7

 
विज्ञापन

बड़ी खबरें

रोचक खबरें

विज्ञापन

बॉलीवुड

स्पोर्ट्स

जोक्स

पसंदीदा खबरें

फोटो फीचर

 
Email Print Comment