शास्त्रों के मुताबिक ईश्वर का ज्ञान स्वरूप व शक्ति गुरु के रूप में पूजनीय है। गुरु से मिला ज्ञान, शिक्षा, सत्य, प्रेरणा व शक्ति ही पूर्ण व कुशल बनाती है। इसलिए गुरु सेवा, भक्ति या स्मरण मात्र से जागा बुद्धि और विवेक जीवन की तमाम परेशानियों से उबारने वाला भी होता है।
हिन्दू धर्म परंपराओं में गुरु व परब्रह्म के विलक्षण स्वरूप में त्याग, तप, ज्ञान व प्रेम की साक्षात् मूर्ति भगवान दत्तात्रेय को माना जाता है। खासतौर पर भगवान दत्तात्रेय का 24 गुरुओं से सबक सीखने का पौराणिक प्रसंग जीवन में गुरु की अहमियत को रोचक तरीके से उजागर करता है। क्योंकि ये 24 गुरु मात्र इंसान ही नहीं बल्कि पशु, पक्षी व कीट-पतंगे भी शामिल हैं। अगली तस्वीर पर क्लिक कर जानिए भगवान दत्तात्रेय के 24 गुरु व उनसे सीखे अहम सबक –