आज तेज रफ्तार की जिंदगी में शांति के लिए भौतिक सुख-सुविधा जैसे घर, भोजन, वस्त्र को ही अक्सर अहम मान लिया जाता है। किंतु यह सभी पाने के बाद भी कई लोग मानसिक सुकून के लिए बेचैन देखे जाते हैं।
आधुनिक जिंदगी की इस समस्या का एक हल धर्मग्रंथों में भी मिलता है। धर्म के नजरिए से किसी व्यक्ति के पास दौलत और सुख-सुविधा हो, बड़ा कुनबा हो, सामाजिक रुतबा हो, वह स्वयं गुणी और बुद्धिमान हो, वह दूसरों की भलाई भी करता हो, लेकिन अगर वह भगवान के स्मरण या भक्ति से दूर है तो कभी भी वास्तविक खुशी नहीं पाएगा। फिर चाहे ऊपरी तौर पर वह कितना ही खुश या सहज दिखाई दे।
धर्मग्रंथों में सांसारिक व्यक्ति को अंदर और बाहरी दोनों ही तरह से शांति और सुख देने वाला ईश्वर की भक्ति का ऐसा ही उपाय बताया गया है - नवधा भक्ति। असल में, यह धार्मिक और व्यावहारिक रूप से प्रकृति हर कण में बसे भगवान की अनूठी और अद्भुत भक्ति के नौ तरीके हैं। अगली तस्वीर पर क्लिक कर सरलता से जानिए भगवान की भक्ति के 9 खास तरीके और व्यावहारिक अर्थ -