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PIX: जवानी में किया यह खास काम बुढ़ापे में भी देता है सुख!

धर्म डेस्क. उज्जैन | Dec 12, 2012, 13:04PM IST
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परिवार और रिश्ते अटूट विश्वास, प्रेम और भावनाओं के बंधन होते हैं। किंतु अगर रिश्तों की यह डोर किसी भी कारण से टूटती है, तो मन को चोट पहुंचाती है। यही वजह है कि हर इंसान घर-परिवार में मेलजोल, स्नेह, सहयोग व खुशहाली के लिए भरसक कोशिश करता है। इसके लिए सबसे सही वक्त युवावस्था यानी जवानी माना जाता है। 
हिन्दू धर्मशास्त्रों में एक ऐसी ही बात की ओर इशारा किया गया है जो व्यावहारिक रूप से कड़वा सच नजर आती है, किंतु हर इंसान को जीवन में इस बात का छोटे या बड़े रूप में सामना करना पड़ सकता है। इसलिए यह बात जानकर हर युवा सकारात्मक भाव से खुद के साथ परिवार के अच्छे भविष्य के लिए इस काम को करने की हर संभव कोशिश करे। सरल शब्दों में कहें तो जानिए जवानी में जरूरी वह काम, जिससे बुढ़ापा भी सुखद हो जाता है - 
असल में, आज के दौर में कई युवा ऐसे भी देखे जाते हैं, जो भरपूर सुख-सुविधाओं के बीच रहते धनार्जन के महत्व को गंभीरता से समझ नहीं पाते। वहीं दूसरी ओर आजीविका के अभाव में भी कई युवा निराशा में टूटकर धर्नाजन को लेकर उदासीन होने लगते हैं। शास्त्रों में युवा रहते हुए धन कमाने का फायदा उजागर करते हुए लिखा गया है कि -
यावत् वित्तो पार्जन शक्त: तावत् निजपरिवारो रक्त:।
तदनु जरया जर्जरदेहे वार्तां कोपि न पृच्छति गेहे।।
इसका सरल शब्दों में मतलब है कि इंसान में जब तक धन कमाने की क्षमता होती है, परिजनों का स्नेह और प्रेम बना रहता है। किंतु जब इंसान उम्रदराज होने लगता है यानी बुढ़ापे की ओर बढ़ता है, तब धन अर्जन में सशक्त न होने से अपनों से ही  किसी न किसी रूप में उपेक्षित या तिरस्कृत होने लगता है। 
यह सच्चाई हर इंसान के जीवन से जुड़ी है, किंतु जवानी में ही कर्म व धन के सही प्रबंधन के जरिए इस इस कटु सत्य को मीठे अनुभवों में भी बदलना संभव है। 

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