परिवार और रिश्ते अटूट विश्वास, प्रेम और भावनाओं के बंधन होते हैं। किंतु अगर रिश्तों की यह डोर किसी भी कारण से टूटती है, तो मन को चोट पहुंचाती है। यही वजह है कि हर इंसान घर-परिवार में मेलजोल, स्नेह, सहयोग व खुशहाली के लिए भरसक कोशिश करता है। इसके लिए सबसे सही वक्त युवावस्था यानी जवानी माना जाता है।
हिन्दू धर्मशास्त्रों में एक ऐसी ही बात की ओर इशारा किया गया है जो व्यावहारिक रूप से कड़वा सच नजर आती है, किंतु हर इंसान को जीवन में इस बात का छोटे या बड़े रूप में सामना करना पड़ सकता है। इसलिए यह बात जानकर हर युवा सकारात्मक भाव से खुद के साथ परिवार के अच्छे भविष्य के लिए इस काम को करने की हर संभव कोशिश करे। अगली तस्वीर पर क्लिक कर जानिए जवानी में जरूरी वह काम, जिससे बुढ़ापा भी सुखद हो जाता है -