गोस्वामी तुलसीदास द्वारा लिखी श्रीहनुमान चालीसा की हर चौपाई संकटमोचक श्रीहनुमान की शक्तियों के साथ और उनकी भक्ति के करिश्माई नतीजों की भी महिमा उजागर करती है। इसी तरह संत तुलसीदास के द्वारा ही लिखे धर्मग्रंथ रामचरितामानस में उजागर श्रीहनुमान के दिव्य चरित्र, गुण और अतुलनीय शक्तियां ही युग-युगान्तर से धर्मावलंबियों के मन में श्रीहनुमान भक्ति के लिए श्रद्धा, भक्ति और विश्वास जगातीं हैं। यह भरोसा ही सारे शोक, संताप व रोग दूर करने में भी असरदार होता है।
दरअसल, हनुमान चरित्र भक्ति और शक्ति का बेजोड़ संगम माना गया है। कैसे हनुमान की भक्ति और शक्ति का शुभ प्रभाव सांसारिक व्यक्ति को स्वस्थ और पीड़ामुक्त जिंदगी देने वाला होता है? इसका जवाब भी श्रीहनुमान चरित्र और गुणों में मिल जाता है। अगली तस्वीर पर क्लिक कर जानिए, श्रीहनुमान भक्ति के प्रभाव से कैसे व कौन से करिश्माई बदलाव होते हैं -