वसंत पंचमी का दिन मां सरस्वती के जन्म उत्सव के रूप में मनाया जाता है। साथ-साथ इस दिन को अबूझ मुहूर्त के नाम से भी जाना जाता है। वसंत पंचमी के दिन कोई भी नया काम प्रारम्भ करना शुभ माना जाता है। इसी कारण ऋषियों ने वसंत पंचमी के दिन सरस्वती पूजा की प्रथा चली आ रही है। किसी भी कला और संगीत कि शिक्षा प्रारम्भ करने से पूर्व माता सरस्वती का पूजन करना शुभ होता है।