भगवान या परमात्मा एक ऐसी शक्ति हैं जिनके लिए हमारी किसी भी समस्या का समाधान या किसी भी इच्छा की पूर्ति करना असंभव नहीं है। देवी-देवताओं के दर्शन मात्र से ही हमारे पापों का नाश हो जाता है और पुण्यों में बढ़ोतरी होती है। इस प्रकार पुण्य लाभ प्राप्त करने के लिए हम मंदिर या देव स्थान जाते हैं। मंदिर या देवी-देवताओं के स्थानों पर जाने के लिए कई प्रकार के नियम बनाए गए हैं। इन्हीं नियमों में से एक है कि मंदिर में नंगे पैर जाना चाहिए।