रावण का प्रभाव इतना था कि सभी ग्रह-नक्षत्र, देवी-देवता उससे डरते थे। इसी वजह से मेघनाद के जन्म के समय सभी ग्रह वैसी ही राशियों में स्थित हो गए जैसा रावण चाहता था। रावण ये बात जानता था कि शनि देव न्यायाधीश है और आयु के देवता हैं। शनि इतनी आसानी से रावण की बात नहीं मानेंगे। अत: शनि को भी जबरदस्ती रावण को ऐसी स्थिति में रखा जिससे मेघनाद की आयु वृद्धि हो सके।