खगोल का अध्ययन प्रस्तुत करने वाली सनातन परंपरा में 28 नक्षत्रों का वर्णन है। इन नक्षत्रों पर होने वाला सूर्य का भ्रमण छ: मास उत्तरायण और छ: मास दक्षिणायण होता है। इस तरह से यह छ: ऋतुओं का निर्माण कर एक वर्ष का चक्र पूरा करता है। उत्तरायण में शिशिर, वसंत और ग्रीष्म ऋतुएं तथा दक्षिणायण में वर्षा, शरद और हेमंत ऋतुएं होती हैं।