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ऐसा क्यों

सोने के 3 गलत समय, किस समय सोने से होते हैं क्या नुकसान

सोने के 3 गलत समय, किस समय सोने से होते हैं क्या नुकसान
वैसे तो नींद लेना अच्छे स्वास्थ्य के लिए बहुत जरूरी है
 
  • शिवलिंग पर लगातार जलधारा से अभिषेक क्यों किया जाता है?

    शिवलिंग पर लगातार जलधारा से अभिषेक क्यों किया जाता है?

    उज्जैन।  शिव पूजन में जलधारा से अभिषेक का विशेष महत्व है। अभिषेक का शाब्दिक अर्थ है स्नान करना या कराना। शिवजी के अभिषेक को रुद्राभिषेक भी कहा जाता है। रुद्राभिषेक का मतलब है भगवान रुद्र (शिव) का अभिषेक करना। शास्त्रों के अनुसार अभिषेक कई प्रकार के बताए गए हैं। रुद्रमंत्रों द्वारा शिवलिंग का अभिषेक किया जाता है, इसे ही रुद्राभिषेक कहा जाता है। अभिषेक जलधारा से किया जाता है।...

  • शिवपुराण के अनुसार जानिए शिवलिंग पर क्यों चढ़ाते हैं भस्म

    शिवपुराण के अनुसार जानिए शिवलिंग पर क्यों चढ़ाते हैं भस्म

    फोटो- उज्जैन स्थित महाकालेश्वर की भस्मारती का दृश्य।   उज्जैन। शिवजी के पूजन में भस्म अर्पित करने का विशेष महत्व है। बारह ज्योर्तिलिंग में से एक उज्जैन स्थित महाकालेश्वर मंदिर में प्रतिदिन भस्म आरती विशेष रूप से की जाती है। यह प्राचीन परंपरा है। यहां जानिए शिवपुराण के अनुसार शिवलिंग पर भस्म क्यों अर्पित की जाती है...   शिवजी का रूप है निराला   भगवान शिव अद्भुत व...

  • पूजा में हर काम 3 बार क्यों किया जाता है, जानिए अंक 3 से जुड़ी खास बातें

    पूजा में हर काम 3 बार क्यों किया जाता है, जानिए अंक 3 से जुड़ी खास बातें

    उज्जैन।  शास्त्रों में अंक 3 का विशेष महत्व बताया गया है। पूजन, आरती और अन्य कर्मकांड में हर काम तीन-तीन बार किया जाता है। ऐसा इसलिए कि मानव जीवन के तीन बिंदु हैं जन्म, जीवन और मृत्यु। इन तीनों अवस्थाओं के तीन देवता क्रमशः ब्रह्मा, विष्णु और महेश हैं। तीन बार आरती लेना, तीन परिक्रमा करना, तीन बार प्रसाद लेना ये सब इन तीन देवता या इन तीन अवस्थाओं के लिए किया जाता है।  ज्योतिषीय...

  • अब कुछ दिन बैंगन, मूली और हरी सब्जियां खाने से बचें, जानिए ऐसा क्यों

    अब कुछ दिन बैंगन, मूली और हरी सब्जियां खाने से बचें, जानिए ऐसा क्यों

    उज्जैन। इस वर्ष 8 जुलाई से 3 नवंबर तक का समय स्वास्थ्य की दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण है। इन दिनों में गुड़, तेल, दही के साथ चावल, मूली, बैंगन, हरी सब्जियां आदि से परहेज करना चाहिए। हिन्दी पंचांग के अनुसार 8 जुलाई से चार्तुमास (चौमासे) प्रारंभ हो गए हैं और यह 3 नवंबर तक चलेंगे। इन दिनों खान-पान और दैनिक दिनचर्या में कुछ विशेष परिवर्तन कर लेना चाहिए। यह परिवर्तन हमारे स्वास्थ्य के लिए...

  • स्त्रियां चूड़ियां क्यों पहनती हैं, अधिकतर लोग नहीं जानते इसके खास कारण

    स्त्रियां चूड़ियां क्यों पहनती हैं, अधिकतर लोग नहीं जानते इसके खास कारण

    उज्जैन। अधिकतर महिलाएं चूड़ियां या कंगन अवश्य पहनती हैं। आमतौर इस संबंध में यही मान्यता है कि चूड़ियां सुहाग की निशानी होती हैं और इसी कारण से पहनी जाती हैं। चूड़ियों को पहनने के पीछे सुहाग की निशानी के अलावा कई अन्य महत्वपूर्ण कारण भी हैं।   आजकल अधिकांश महिलाएं चूड़ियां नहीं पहनती हैं। इस कारण कई महिलाओं को कमजोरी और शारीरिक शक्ति का अभाव महसूस होता है। जल्दी थकान हो जाती...

  • शादी के तुरंत बाद पति-पत्नी के लिए जरूरी हैं ये 4 काम भी

    शादी के तुरंत बाद पति-पत्नी के लिए जरूरी हैं ये 4 काम भी

    उज्जैन।  स्त्री और पुरुष, दोनों के जीवन में विवाह एक महत्वपूर्ण पड़ाव होता है। इसी वजह से शादी को लेकर खासा उत्साह सदैव बना रहता है। विशेष रूप से सुहागरात के संबंध में स्त्री और पुरुष, दोनों के मन कई प्रकार के प्रश्न और उत्सुकताएं बनी रहती हैं। वैवाहिक जीवन की शुरुआत में सुहागरात का सर्वाधिक महत्व है। इसी रात से पति-पत्नी के रिश्तों को नए आयाम मिलते हैं। साथ ही, इस दौरान काफी हद...

  • खाना खाते समय ध्यान रखनी चाहिए ये बातें, ठीक रहता है स्वास्थ्य

    खाना खाते समय ध्यान रखनी चाहिए ये बातें, ठीक रहता है स्वास्थ्य

    उज्जैन।  भोजन से ही शरीर को कार्य करने के लिए ऊर्जा मिलती है, लेकिन भोजन के संबंध कुछ आवश्यक नियमों का पालन न किया जाए तो स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां पैदा हो सकती हैं। खाना खाते समय यहां बताई जा रही बातों का ध्यान रखेंगे तो आप हमेशा सेहतमंद रह सकते हैं। अच्छी सेहत के प्रभाव से व्यक्ति की आयु भी बढ़ती है और बुढ़ापे में होने वाले रोगों से लंबे समय हम बचे रह सकते हैं। ये सभी नियम...

  • पूजन कार्य में धोती क्यों पहनना चाहिए

    पूजन कार्य में धोती क्यों पहनना चाहिए

    उज्जैन। किसी भी प्रकार की पूजा-अर्चना के लिए पुरुषों को धोती पहनना चाहिए, यह प्राचीन परंपरा है। आज भी कई स्थानों पर पुरुषों के लिए पूजा के समय धोती पहनना अनिवार्य नियम है। वैसे तो धोती पहनने का चलन बहुत कम हो गया है और पूजन आदि कर्मों में धोती की अनिवार्यता ब्राह्मणों तक ही सीमित रह गई है। प्राचीनकाल में धोती पहने बिना पूजादि कर्मकांड पूर्ण नहीं माने जाते थे। इसी वजह से धोती को...

  • दीपक से जुड़ी ये बातें ध्यान रखेंगे तो मिल सकती है लक्ष्मी कृपा

    दीपक से जुड़ी ये बातें ध्यान रखेंगे तो मिल सकती है लक्ष्मी कृपा

    उज्जैन।  देवी-देवताओं के पूजन में दीपक का महत्वपूर्ण स्थान है। देवी-देवता के सामने दीपक जलाए बिना पूजन कर्म पूर्ण नहीं होते हैं। यदि विधि-विधान से दीपक तैयार किया जाता है तो देवी-देवताओं की कृपा जल्दी प्राप्त होती है।   दीपक जलाने से होते हैं ये लाभ...   यदि किसी घर में नियमित रूप से दीपक जलाया जाता है तो वहां हमेशा सकारात्मक ऊर्जा सक्रिय रहती है। दीपक के धुएं से...

  • देवी-देवताओं की पूजा के लिए ये पांच हैं श्रेष्ठ परंपरागत विधियां

    देवी-देवताओं की पूजा के लिए ये पांच हैं श्रेष्ठ परंपरागत विधियां

    उज्जैन।  भगवान को प्रसन्न करने की कई पूजन विधियां शास्त्रों में बताई गई हैं। सभी विधियों का अलग-अलग महत्व है। शिव पुराण के अनुसार हमारे जीवन से जुड़ी सभी समस्याओं का निराकरण देवी-देवताओं की प्रसन्नता से हो जाता है। किसी भी देवता की कृपा प्राप्त करने के लिए पांच विधियां सर्वश्रेष्ठ बताई गई हैं। जानिए ये पांच विधियां कौन-कौन सी हैं...   पहली विधि है जिस देवी-देवता के निमित्त...

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